बाते चलने लगी है

हाँ अाजकल रात में

तेरी मेरी बातें चलने लगीं है,

पर तुम प्यार तो चाहती हो,

लेकिन मुझे दबाकर,

प्यार में कोई बडा या छोटा नहीं होता,

पर तुम कुछ और चाहती हो,

वो हमें मंजूर नहीं,

हमे प्यार मंजूर है,

गुलामी मंजूर नही,

जो तस्वीर रची थी मैने तेरी,

वो अब बदलने लगी है,

हाँ आजकल रात मे

तेरी मेरी बाते चलने लगी है

तेरी मेरी बाते चलने लगी है।।

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