बुकस्ट्रक : क्षेत्रीय भाषा की किताबें अपने मोबाइल पर पढ़ पाना अब बेहद आसान है

ये समझ पाना बेहद कठिन है की रत्नागिरी का १४ साल का जतिन जब उम्मीद से अरेबियन महासागर की तरफ देख रहा है तो उसके मन में क्या चल रहा है | कोई सोचेगा की वह कप्तान अहब के बारे में सोच रहा है या मोबी डिक के बारे में | अगर जतिन को अपने स्कूल और काम के बीच में कहीं से मोबी डिक पढने का मौका मिल जाए तो शायद उसके ये सपने हकीकत में तब्दील हो जाएँ | जतिन और उस जैसे कई और लोगों के लिए ऐसी किताबों को हासिल कर पाना नामुमकिन है | एक आम आदमी के लिए ऐसी किताब को खरीदना उसकी एक दिन की तनख्वाह का परित्याग करने जैसा है | यही बाधा कई भारतीयों को किताबें पढने के अपने शौक को पूरा नहीं करने देती |

लेकिन अब समय बदल गया है | इन किताबों को आसानी से अपने स्मार्टफोन पर हासिल कर पढ़ा जा सकता है | भारत में करीब 30 करोड़ लोग इन्टरनेट का उपयोग करते हैं और अगले दशक में इस संख्या में 30 करोड़ का इजाफा हो जायेगा |

एक बेहद चौंका देने वाला सत्य है की देश में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अख़बार अंग्रेजी भाषा के नहीं है | सबसे ज्यादा देखे जाने वाले न्यूज़ चैनल्स भी अंग्रेजी भाषा के नहीं है | इन दावों के समर्थन में काफी सबूत मिलते हैं की आने वाली पीड़ी की वेब और मोबाइल मीडिया कंपनियां अंग्रेजी को छोड़ भारत की क्षेत्रीय भाषाओँ का इस्तेमाल कर सफलता हासिल करने वाली हैं |

आई आई टी मुंबई के एक भूतपूर्व छात्र अक्षर देसाई ने इस बात पर गौर किया और फैसला किया की वह इसके बारे में ज़रूर कुछ करेंगे | उन्होनें सफलता पूर्वक एक बुकस्ट्रक नाम की ऐप विकसित की जहाँ महत्वकांक्षी भारतीय अंग्रेजी के इलावा अपनी पसंद की अन्य भारतीय भाषाओ में किताबें पढ़ सकते हैं | स्वतंत्र लेखकों और स्वयंसेवकों के योगदान की मदद से 800 से ज्यादा किताबें और कॉपीराइट मुक्त अनगिनत मुफ्त लोकप्रिय लेख ने बुकस्ट्रक पर मोजूद सामग्री को विविधता और बुद्धिमत्ता प्रदान की है |

बुकस्ट्रक एप ग्रामीण और शहरी भारत के पाठकों में बेहद सफल हो गयी है | इस एप की सफलता का आंकलन हम इस बात से कर सकते हैं की गूगल प्ले स्टोर में बुकस्ट्रक एप को दुनियाभर में एक लाख से भी ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है | बुकस्ट्रक के बारे में अक्षर देसाई का कहना है “मुझे ये देख कर बड़ी ख़ुशी होती है की कैसे सप्ताहांत में बिताये गए कुछ घंटों से जन्मे इस नतीजे ने इतनी सारी जिंदगियों को इतने सकरात्मक रूप से प्रभावित किया है |

अपनी एप की बढती लोकप्रियता से बेहद गर्व महसूस करने वाले अक्षर चाहते हैं की बुकस्ट्रक भारतीय भाषाओँ में गुणवत्ता के लेख जिनमें साइंस फिक्शन , कल्पना, हॉरर और अन्य श्रेणी के लेख शामिल हैं , का निश्चित सूत्र बने | एप के उपयोगकर्ताओं से नियमित तौर पर मिल रही प्रतिक्रिया के आंकलन से उन्हें लगता है की वह कुछ बड़ा करने वाले हैं |

लोगों ने इस एप को खुले दिल से अपनाया है , “ मैं हर रोज़ दफ्तर जाने के लिए मुंबई लोकल ट्रेन में सफर करता हूँ और समय निकालने के लिए मुझे तुकाराम गाथा (मराठी में भक्ति कवितायेँ) पढना अच्छा लगता है | बुकस्ट्रक एप ने मेरे लिए सफ़र के दौरान इस किताब को पढना बेहद आसान कर दिया है क्यूंकि अब मुझे हर जगह किताब को लेकर जाना नहीं पड़ता” ऐसा कहना है एक युवक रमाकांत शिंदे का जो रोज़ काम के लिए दफ्तर जाता है |

“मेने इस एप की मदद से अपनी शादी के लिए एक अच्छे उखना की तलाश की” स्मिता राजे एक नवविवाहित एप उपयोगकर्ता बताती हैं |

ये एक ध्यान देने वाली बात है की जिन लेखकों ने मराठी में विविध विषयों जैसे ‘ सह्याद्री में चढ़ाई’ और ‘मराठा इतिहास’ पर लेख लिखे हैं उन्होनें अपने काम को बुकस्ट्रक पर प्रदर्शित किया है | अभिषेक थमके जैसे स्वतंत्र लेखकों द्वारा अपनी किताबों को बुकस्ट्रक पर डालने से लेकर गृहणियों द्वारा गोवा से पंजाब के खाने की रेसिपी की किताबों को डालने तक , इस एप ने लोगों को उत्तम लेखों के माध्यम से ऐसे जोड़ा है जैसे किसी ने भी आज तक नहीं कर पाया है |

बुकस्ट्रक एप का सबसे रोचक पहलु है की एप का विकास और लेखों की उत्पत्ति ज़्यादातर स्वयंसेवी तौर पर होती है जिससे ये एप एक समुदाय एप का प्रतीक बन जाती है | ये एप पहले ही गूगल प्ले स्टोर, एप बाज़ार ,अमेज़न ,अंडरग्राउंड और विंडोज एप स्टोर पर उपलब्ध है और जल्द ही उसे एप्पल स्टोर पर भी जारी किया जाएगा |

ये शायद अक्षर के सिलिकॉन वैली के उच्च दर्जे के एप विक्सित करने के अनुभव का फायदा है की बुकस्ट्रक को पाठकों के दिल में वांछित जगह मिल गयी है | पहली बार एक ऐसी एप सामने आई है जो लोगों के योगदान से चल रही है नाकि और एप की तरह निवेशकों के भरोसे | इसलिए ये हैरानी वाली बात नहीं है की बुकस्ट्रक को बुक एप्स श्रेणी में मोजूद एप्स में औसत से अधिक पाठकों को बनाए रखने और सहभागिता मीट्रिकस प्राप्त हैं |

इंटरनेट सक्षम मोबाइल फोन जिनमें बुकस्ट्रक जैसी एप्स चल सकती हैं का बढ़ता इस्तेमाल सही मायने में खेल को बदलने की क्षमता रखता है | उनकी भूगोल से परे भारत की आबादी को ज्ञान और शिक्षा प्रदान करने की काबलियत इससे पूर्व उपेक्षित और नज़र अंदाज़ किये गये भारतियों के लिए सच में अद्भुत संभावनाओं को जन्म देती है |

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