टीम कांग्रेस : घोषणा-पत्र समिति

भारत में किसी भी चुनाव के लिए बहस का मुख्य आधार चुनाव घोषणापत्र होता है, जो चुनाव में हिस्सा लेने वाली हर पार्टी चुनाव से पहले जारी करती है। इससे मतदाताओं को सभी क्षेत्रों में राज्य और देश के प्रति संबंधित दल के नजरिये का पता चलता है।

कांग्रेस पार्टी का ये इतिहास रहा है कि वो अपना चुनाव घोषणा पत्र सभी हितधारकों के साथ मंथन करके तैयार करती है, जिसमें देश की जरूरतों का समग्र प्रतिनिधित्व सामने आता है। पिछले कुछ वर्षों में अनुभवी राजनेता और नीति विशेषज्ञ समावेशी और प्रगतिशील और सबसे महत्वपूर्ण रूप से कांग्रेस की विचारधारा के अनुरूप घोषणा पत्र तैयार करने के लिये एक साथ आये हैं।

अपने 2019 के चुनाव अभियान के लिए भी पार्टी अध्यक्ष श्री राहुल गांधी ने हाल ही में 19 सदस्यीय घोषणापत्र समिति का गठन किया है, और उन्हें घोषणापत्र के माध्यम से जो वास्तव में लोगों के हित में हो, भाजपा के अलोकतांत्रिक एजेंडे का मुकाबला करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

घोषणा-पत्र समिति के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में जाने-माने लोग हैं, जो देश के युवाओं को रोजगार प्रदान करने, कमजोर और वंचितों को सशक्त बनाने और एनडीए सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को जो भारी नुकसान पहुंचाया गया है उसकी भरपाई करने पर पूरा ध्यान केंद्रित कर समग्र विकास का वादा करेंगे।

यहां प्रत्येक सदस्य के बारे में संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत है -

मनप्रीत बादल

मनप्रीत बादल को वित्त क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता के लिए घोषणापत्र समिति में शामिल किया गया है। वे पंजाब राज्य सरकार के मंत्रीमंडल में वित्त मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं और 2017 पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने कांग्रेस का घोषणापत्र तैयार करने की जिम्मेदारी निभाई थी। वे श्री पी. चिदंबरम के साथ मिलकर काम करेंगे।

पी. चिदंबरम

श्री चिदंबरम भारत के सबसे अनुभवी राजनेताओं और अधिवक्ताओं में से एक हैं, जिन्होंने चार सरकारों में वित्त मंत्री के तौर पर काम किया है और केंद्रीय कैबिनेट में दो अन्य मंत्री पदों का कार्यभार संभाला है। वे इस समिति के वरिष्ठतम सदस्यों में से एक हैं और इससे पहले कांग्रेस के कई चुनाव घोषणापत्रों को तैयार करने का उनका भारी अनुभव है।

सुष्मिता देव

असम के सिलचर से लोकसभा सांसद सुष्मिता देव अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की मौजूदा अध्यक्षा हैं। वे पेशे से वकील हैं और घोषणापत्र में महिला सशक्तिकरण तथा महिला आरक्षण विधेयक से संबंधित प्रावधानों को देखेंगी।

राजीव गौड़ा

सार्वजनिक नीति और प्रबंधन में पीएचडी उपाधि धारण करने वाले प्रोफेसर गौड़ा इस समय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के शोध विभाग के प्रभारी हैं। नीतियां बनाने में वर्षों के अनुभव के साथ समिति में उनकी मौजूदगी फायदेमंद साबित होगी।

भूपेन्द्र सिंह हुड्डा

9 वर्षों तक हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में काम करने के अलावा श्री हुड्डा का वर्षों का अनुभव साथ है। हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले श्री हुड्डा ने कई किसान संघों के साथ काम किया है और कृषि के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और जमीनी समझ समिति के लिए अनमोल साबित होगी।

जयराम रमेश

जयराम रमेश ने यूपीए-1 और यूपीए-2 सरकार में दो अलग-अलग मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया है। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में तथा पर्यावरण और वन संरक्षण के मामलों में उनका लंबा और गहरा अनुभव है। श्री रमेश वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड (आईएबी) के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं जो अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण प्रौद्योगिकी केंद्र की प्रोग्रामेटिक दिशा पर संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के कार्यकारी निदेशक को रणनीतिक नीति पर सलाह देता है। वे 2014 की चुनाव घोषणापत्र समिति के प्रमुख सदस्यों में से एक रह चुके हैं।

सलमान खुर्शीद

चार बार केंद्रीय मंत्री रह चुके श्री सलमान खुर्शीद कानून के प्रोफेसर और सक्रिय अधिवक्ता भी हैं। श्रीमती इंदिरा गांधी की सरकार के समय से वो कांग्रेस के प्रमुख सदस्य रहे हैं। विदेश और वित्त के मामलों में उनका योगदान और अनुभव उन्हें समिति के लिए मूल्यवान सदस्य साबित करता है।

बिंदू कृष्ण

बिंदू कृष्ण केरल से कांग्रेस नेता हैं। 2016 में उन्होंने कोल्लम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था। केरल के इतिहास में वो दूसरी महिला डीसीसी अध्यक्षा थीं। उनकी उपस्थिति से केरल के लोगों के हितों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।

शैलजा कुमारी

शैलजा कुमारी इस समय हरियाणा से निर्वाचित राज्यसभा सांसद हैं। उनका बेहतरीन राजनीतिक करियर रहा है और उन्होंने 4 अलग-अलग मौकों पर लोकसभा सांसद के रूप में काम किया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री के रूप में उनका अनुभव उन्हें समिति का अभिन्न अंग बनाता है।

रघुवीर सिंह मीना

रघुवीर सिंह मीना कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य हैं और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने राजस्थान से विधायक और सांसद दोनों जिम्मेदारियों को निभाया है और उन्हें राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के दौरान देवास जल परियोजना में अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।

भालचंद्र मुंगेकर

भालचंद्र मुंगेकर राज्यसभा के पूर्व सदस्य हैं और उन्होंने योजना आयोग, भारतीय कृषि मूल्य आयोग तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी में काम किया है। कृषि अर्थशास्त्र में तथा बी.आर. अम्बेडकर पर उनकी खास विशेषज्ञता है।

मीनाक्षी नटराजन

मीनाक्षी नटराजन समिति की सबसे कम उम्र के सदस्यों में से एक है। वे दो बार मंदसौर से सांसद चुनी गयी हैं और पार्टी अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी के साथ लंबे समय तक कार्य किया है। उन्होंने कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय तथा महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी समितियों के सदस्य के तौर पर भी काम किया है।

रजनी पाटिल

रजनी पाटिल महाराष्ट्र से राज्यसभा की पूर्व सांसद रही हैं। उन्हें हाल ही में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था। दोनों राज्यों का उनका अनुभव यह सुनिश्चित करेगा कि घोषणापत्र में दोनों राज्यों के लोगों का हित सही तरीके से शामिल हो।

सैम पित्रोदा

श्री सैम पित्रोदा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित दूरसंचार अविष्कारक, उद्यमी, विकास विचारक और नीति निर्माता हैं, जिन्होंने 50 वर्षों का लंबा समय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) और संबंधित वैश्विक और राष्ट्रीय विकास के काम में बिताया है। वे श्री राजीव गांधी के समय से कांग्रेस पार्टी के सलाहकार रहे हैं और भारत में दूरसंचार और दुग्ध क्रांति का श्रेय उनको जाता है। वे इस समय इंडियन ओवरसीज कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हैं।

सचिन राव

सचिन राव मिशिगन बिजनेस स्कूल से कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एमबीए हैं और युवा कांग्रेस तथा एनएसयूआई का संगठनात्मक प्रबंधन देखते हैं। वे श्री राहुल गांधी की टीम के रणनीतिक सलाहकार भी हैं।

ताम्रध्वज साहू

ताम्रध्वज साहू छत्तीसगढ़ से 16वीं लोकसभा में निर्वाचित संसद सदस्य हैं। उन्होंने साहू समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सक्रिय रूप से काम किया है और रामायण कथा में शामिल रहे हैं तथा समिति में अल्पसंख्यक समुदायों के प्रमुख प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हैं।

मुकुल संगमा

मुकुल संगमा मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्वोत्तर भारत से कांग्रेस के सबसे प्रमुख नामों में से एक हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान मेघालय स्वास्थ्य बीमा योजना और विशेष विवाह सहायता योजना जैसी प्रभावी योजनाओं की शुरुआत के लिए उनकी सराहना की जाती है। हाल ही में उन्होंने कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए विशेष कोचिंग सहायता प्रदान करने वाला एक करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू किया है, वे समिति में पूर्वोत्तर भारत के महत्वपूर्ण प्रतिनिधि साबित होंगे।

शशि थरूर

डॉ. शशि थरूर पूर्व राजनयिक से उत्कृष्टत राजनेता बन चुके हैं। वे केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया है।

ललितेश पति त्रिपाठी

ललितेश पति त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के कांग्रेस के सबसे होनहार युवा नेताओं में से एक हैं। उनको श्री राहुल गांधी ने समिति में उत्तर प्रदेश के युवाओं की चिंताओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना है।

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