सूर्य ग्रहण 2017

क्या आप जानते है वर्ष 2017 मे कितने सूर्य ग्रहण होंगे और सूर्य ग्रहण के समय क्या न करें जो आपके लिए हानिकारक होता है?
 
आपने भौतिक विज्ञानं में सूर्य ग्रहण होने का कारण तो पढ़ा होगा लेकिन क्या आप जानते है ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण का क्या कारण होता है: आइये हम बताते है की क्या है इसके पीछे की धारणा :
 
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण कैसे होता है?

ऐसा माना जाता है जब राहु या केतु ग्रह सूर्य ग्रह को खा लेते है तो ये सूर्य ग्रहण होता है, पुराणों में सूर्य ग्रहण के और भी कारण दिए गए है, और एक बात जो आपको जाननी चाहिए की सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या को होता है |

3 प्रकार के सूर्य ग्रहण होते है:
 
1. पूर्ण सूर्य ग्रहण (जब चन्द्रमा पूरी तरह से सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है)
 
2. आंशिक सूर्य ग्रहण (जब चन्द्रमा सूर्य के कुछ भाग को ही ढकता है )
 
3. वलयाकार सूर्य ग्रहण (जब चन्द्रमा सूर्य के केवल मध्य भाग को ही ढकता है)

वर्ष २०१७ में दो सूर्य ग्रहण है:
 
पहला सूर्य ग्रहण 26 फरवरी 2017 दिन रविवार को समय : शाम 5 :40 से रात 11:05 तक होगा |
 
ये एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा और सिर्फ अफ्रीका, दक्षिणी अमेरिका महाद्वीपो में दिखेगा, भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल में सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा |
 
दूसरा सूर्य ग्रहण 21 अगस्त 2017 दिन सोमवार को समय: शाम 9:16 से 22 अगस्त सुबह 2 :34 तक होगा |
 
ये सूर्य ग्रहण यूरोप, उत्तर / पूर्व एशिया, उत्तर / पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सो में दिखेगा, एशिया महादीप के किसी भी हिस्से में ये सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा |