पेड़ कट गया


कल तक यह पेड़ हरा भरा था
धूप में लहलहा रहा था
अपनी उंचाइयों में गुनगुना रहा था
कल जब गुज़री थी इसकी परछाई पर से मैं
इसकी पत्तियाँ गिन रही थी
इसपर बैठी गिलहरी को देख रही थी
फुनगी पर इस पेड़ के एक चिड़िया गा रही थी
इतना बड़ा पेड़ कल खड़ा था यहाँ तना हुआ
आज कुछ भी नहीं
महज़ एक काठ टूटा हुआ
अपने ही आनेवाले कल से अंजान था
आज यूं पड़ा है जैसे हमेशा से ही बेजान था

#Ilovetrees

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