“कभी कभी मेरे दिल मे यह ख़याल आता है के… काश में भी ऐसे दिलकश नग़मे लिख पाता ”

“ मेरे पास भी होती एक महेंगी सी जैगुआर और मुम्बई में मेरा एक Permanent आशियाना होता”

“ लूट के या रट के कोई जुगाड़ लगा लेता तो Yashraj या Dharma का आज दुलारा बन गया होता ”

“रोज़ “इंग्लिश DVD” देखने का इलम भी काम आ जाता … अगर कोई “गुल” समझ के पानी का एक “जार” हम पर डाल देता ”

“ न बरसती हम पर मुम्बई की बारिश , सिर को आसमान से छिपाने के लिए एक चट्टान मिल जाता, अगर होता नाम सलीम ….तो BANDRA के Galaxy में एक आलीशान मकान बन गया होता ”

“ सुद्ध देशी रोमांस वाला टोटका भी समझ में आ जाता ….अगर घर होता नई दिल्ली …और अंधेरी में इंग्लिशिया JAIDEEP जल रहा होता ”

“कभी AWARD वापसी कार्यक्रम का भी हीरो बन गया होता …..अगर हाथ होता एक कलम पर मेरा स्याही बिक गया होता ”

“कभी कभी मेरे दिल मे यह ख़याल आता है के… काश में भी ऐसे दिलकश नग़मे लिख पाता ”

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