Finding my footing.
ज़िन्दगी के बीते पलों को सोचकर,
कभी खुद पर ही हस देता हूँ |
सोचता हूँ कि शायद मैं बड़ा हो रहा हूँ |
वो भी क्या दिन थे, जब पूरी दुनिया अपनी दीवानी थी |
यात्रा अपने आप में ख़ुशी का एक कारण होती है | यात्रा में घटी बाते ज़िन्दगी भर यादों के रूप में साथ निभाती है | इसी तरह की कुछ यादें मेरे साथ भी है | बात उस समय की है जब मैं अपने दोस्तों के साथ सातवीं की छुट्टियाँ मनाने त्रिउड गया था | ख़ुशी और उत्साह के साथ हमारा जत्था भी…
बदलते वक़्त के साथ मनुष्य के मस्तिष्क एवं इसकी दिल की इच्छाओं, भावनाओं का सामंजस्य एवं इसका बदलता स्वरुप हमेशा अपुर्वानुमानित एवं रुचिकर रहा है | उदाहरण के तौर पर, रावण के पूर्ण नितिविज्ञ, प्रकांड व विद्वान पंडित होने के बावजूद भी उसकी भावनाओं ने उसके दिलोदिमाग पर काबू पा…
(रिश्तों का बदलता स्वरुप )
डर तो इतना लगता है कि मुँह खुलने से पहले ही बंद हो जाया करता है आखिर ना जाने की जन्म की सजा पा रहा हूँ | कहकर पंडित जी इधर उधर झाकने लगे की कहीं किसी ने देख तो नही लिया | पंडित जी का दुःख उनकी भरी आवाज़ साफ़ बयां कर रही थी |
ज्यों बादलों ने अपने तन को झकझोरा,
हमारा खुशियों से है नाता जोड़ा |
खेत में खड़े किसान को ज्यों बूँदें दिखलाई,
उसके मन में है ख़ुशी की लहर छाई |