BIKAYI Monday Motivation: क्या आप हमेशा सोचते ही रहते हैं? ओवरथिंकिंग से छुटकारा पाने के आसान उपाय

सोचना अच्छा है पर अत्यधिक सोच कई अच्छी चीजों को विकसित होने के पहले ही खत्म कर देती है- अज्ञात
सोचना एक स्वाभाविक और सही प्रक्रिया है क्योंकि हमें अपने जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक चीज़ों के बारे में सोच-विचार करना ही पड़ता है ।
सही चीजों के बारे में सोचना कोई समस्या नही है। समस्या तो तब पैदा होती है जब हम फालतू चीजों के बारे में भी हमेशा कुछ न कुछ सोचते रहते है|
चलिए आपको एक उदाहरण के द्वारा इसे समझाते है।
कई लोग ऐसे होते है जो किसी समारोह में अच्छे परिधान पहनकर और अच्छी तरह तैयार होकर जाते है फिर भी उनका पूरा ध्यान सिर्फ इसी बात पर होता है कि लोग उनके पहनावे के बारे में क्या सोच रहे होंगे?
अब हम आपसे यह दो सवाल पूछना चाहते हैं |
- क्या आपको लगता है की ये सब सोचना वाकई में जरूरी है?
- क्या आपको लगता है की इन सब बातों का कोई महत्व है?
ये सब बिना मतलब के विचार है जिनका कोई औचित्य ही नही है क्योंकि हर इंसान सिर्फ अपने बारे में ही सोचता है, उसे दुसरों के पहनावे से कोई लेना देना नही होता।
अनावश्यक चीजों या घटनाओं के बारे में सोचना , हमेशा कुछ न कुछ सोचते रहना या एक ही घटना के बारे में बार-बार सोचना ही ओवरथिंकिंग है।
आपके लिए ये समझना बेहद जरूरी है कि ओवरथिंकिंग कोई सामान्य समस्या नही है बल्कि इसके बहुत सारे नुकसान है ।
1: ओवरथिंकिंग से निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है
आप जब जरूरत से ज्यादा सोचने की बीमारी से पीड़ित हो जाते है तो बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में घबराने लगते है।
हम में से कई ऐसे लोग होंगे जो कोई नया व्यापार शुरू करना चाहते है या नौकरी बदलना चाहते है पर वे विभिन्न पहलुओं के बारे में महीनों तक सिर्फ सोचते ही रहते है पर बदलाव का निर्णय कभी नही लेते ।
2: ओवरथिंकिंग, तनाव का एक प्रमुख कारण है
जीवन मे कई बार हमारे साथ कोई ऐसी घटना भी घट जाती है जिस पर हमारा कोई वश नही होता। ऐसी घटनाओं को भूल जाने में ही भलाई है पर हम ऐसे समय भी जरूरत से ज्यादा सोचकर बेवजह का तनाव मोल ले लेते है।
ओवरथिंकिंग से चिंता (Anxiety)और अवसाद (Depressions) जैसी कई गंभीर
बीमारियां होने की आशंका भी होती है जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है
3: ओवरथिंकिंग, नकारात्मक सोच को जन्म देती है
जरुर पढ़े : जीवन में सकारात्मक सोच क्यों जरुरी है ?
हम किसी घटना के बारे में जितना ज्यादा सोचते है, हमारे दिमाग मे उतने ज्यादा संदेह घर करने लगते है जो धीरे-धीरे नकारात्मक विचारों में परिवर्तित हो जाते है |
एक बार आपको नकारात्मकता का ग्रहण लग जाये तो आप हर घटना के नकारात्मक पहलू के बारे में ही सोचने और देखने की कोशिश करेंगे जिससे सफलता की राह में भी रोड़े उत्पन्न हो जायेंगे |
4: ओवरथिंकिंग से रिश्तों में दरार पड़ती है
रिश्तों की डोर बड़ी नाजुक होती है इसलिए इसे टूटने में ज्यादा समय भी नही लगता।
कई लोगों की आदत होती है कि वे अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों की हर छोटी से छोटी बात का भी कोई न कोई मतलब निकालने की कोशिश करते है। इससे ईर्ष्या, द्वेष , और गुस्से जैसे विकार उत्पन्न होते है जो रिश्तों में बिखराव के प्रमुख कारण है।
5: ओवरथिंकिंग से कार्यक्षमता और रचनात्मकता घटती है
जरुर पढ़िए : सही समय के इंतज़ार में ही मत बैठे रहिये
जरूरत से ज्यादा सोचकर हम जरूरी कामों के लिए भी टालमटोल करने लगते है जिसकी वजह से हमारा कीमती समय बर्बाद हो जाता है और कार्यक्षमता पर विपरीत असर पड़ता है।
हम बेवजह इतनी ज्यादा चिंता करने लगते है कि नए और सकारात्मक विचारों को पैदा होने की जगह ही नही देते जिससे रचनात्मक क्षमता भी घट जाती है।
जीवन को बेहतर ढंग से जीने के लिए ओवरथिंकिंग से छुटकारा पाना बहुत ज्यादा जरूरी है। हम आपको ओवरथिंकिंग से छुटकारा पाने के कुछ आसान उपाय इस बता रहे हैं |
How to Stop Overthinking / Effective Tips to Stop Overthinking in Hindi
1: वर्तमान में जीने की आदत डालिए
अगर आप हरदम अपने अतीत और भविष्य के बारे में सोचकर ही चिंतित होते रहेंगे तो आपका वर्तमान भी खराब हो जाएगा।
जब आप अपने अतीत को बदल ही नही सकते तो अतीत की घटनाओं के बारे में ज्यादा सोचने से क्या फायदा?
आप सिर्फ अपने वर्तमान को अच्छा बनाने की कोशिश कीजिए ताकि आपका भविष्य भी सुनहरा हो सके।
2: बिना मतलब की बातों को भूलने की आदत डालिए
जीवन मे कुछ चीजों को भूलना बहुत जरूरी होता है ताकि आपका दिमाग शांत और स्थिर रह सके |
अगर आपके साथ अतीत में कुछ गलत हुआ है या आपको कोई नुकसान हुआ है तब भी आपको खुद को समझाना ही होगा की जीवन परिवर्तनशील है और हर सुबह एक नए जीवन का आगाज है।
3: खाली समय का सदुपयोग कीजिये
हमारे दिमाग में खाली समय में अकसर बिना मतलब की बाते घर कर जाती हैं। अपने दिमाग को खाली मत रहने दीजिए। हमेशा अपने खाली समय मे कुछ न कुछ करते रहिए।
आप अपने पसंदीदा गाने सुन सकते है, किताबे पढ़ सकते है, सकारात्मक लेख पढ़ सकते है, कविताएं लिख सकते है या प्रकृति के नजारे देख सकते है।
4: अपनी सोच को नियंत्रित कीजिए
सोच को नियंत्रित करने से मतलब है की किसी चीज या घटना के बारे में सिर्फ उतना ही सोचिये जितना जरूरी है ।
अगर आप नौकरी करते है तो आपको सिर्फ अपने काम की गुणवत्ता बढ़ाने पर ही ध्यान देना चाहिए ताकि आपको कैरियर में फायदा हो सके।
आपके सहकर्मी आपके बारे में क्या सोचते है या आपके सहकर्मी आपके बारे में क्या कानाफूसी करते है, इन सब बातों से आपका कोई मतलब नही होना चाहिए।
5: खुद को माफ करना सीखिए
अपनी गलतियों और दोषों के लिए खुद को माफ कीजिये और आगे बढिए- लेस ब्राउन
गलतियाँ तो इंसान से ही होती है पर इसका ये मतलब नही है कि हम हमेशा अपनी गलतियों और दोषों के बारे में ही सोचते रहे और अपने जीवन को कठिन बना ले।
गलतियाँ सुधारने की कोशिश कीजिये और जिंदगी में आगे बढ़ते रहिये क्योंकि जो थम जाए, जो रुक जाए वो जिंदगी नही है।
6: विशेषज्ञ से सलाह लीजिए
कई बार बहुत प्रयास करने के बाद भी हम अपनी किसी समस्या को हल नही कर पाते। ऐसे समय मे विशेषज्ञों से परामर्श लेना ही सबसे अच्छा और आसान उपाय हैं ।
विशेषज्ञ आपकी समस्या का सही कारण समझकर आपको उचित सलाह देंगे जिससे आपको ओवरथिंकिंग से निजात पाने में मदत मिलेंगी।
हम आशा करते है कि आपको ओवरथिंकिंग से होने वाले नुकसान समझ मे आ गए होंगे और अब आप इससे छुटकारा पाने के प्रयास जरूर करेंगे।
क्या आपको कभी ऐसा महसूस हुआ है कि आप जरूरत से ज्यादा सोचते है?
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