निषिद्ध प्यार
Nov 4 · 1 min read

चल दोनों प्यार नहीं करते हैं
इस दुनिया से डर के चलते हैं
एक दूसरे को सिर्फ समझते हैं।
वो क्या हैं जो तुझे मेरे पास लाया
वो क्या हैं जो
मुझे तुझसे दूर नहीं कर पाया।
कोई तो डोर होगी
किसी ने बाँधी होगी।
दूर रहकर भी पास रहेंगे
टूट कर भी जुड़े रहेंगे।
जब दर्द मीठा लगने लगे
फिर क्यों करूँ तुझसे गिले।
अब इसे समझ तू सज़ा
पर मिले इस क़ैद में भी मज़ा।
बिंदु lamबा❤️
