बर्फी

कुछ ख्वाब टूटने पर,
खामोशी भी चिल्ला कर गूंज उठी,
कुछ लोग रूठने पर,
मुस्कान भी दर्द से रो पड़ी,
कुछ संगदिल थे पल,
पर आखरी वक़्त में,
मौत भी ज़िन्दगी सी जी उठी।

- Dhaval Hinglajia

inspired from the movie Barfi! (2012), hence the title.