थायराइड क्या होता है?

Thyroid गले में स्थित एक ग्रंथि (gland) का नाम है। यह ग्लैंड गले के आगे के हिस्से में मौजूद होता है और इसका आकार एक तितली के समान होता है। यह बॉडी के कई तरह के metabolic processes*को control करने के काम आता है।

थायराइड की समस्याएं क्या होती हैं?

Thyroid Gland से produce होने वाले hormones शरीर में होने वाले सभी मेटाबोलिक प्रक्रियाओं को affect करते हैं। थायराइड disorders से घेंघा जैसी छोटी बीमारी से लेकर जानलेवा कैंसर तक हो सकता है। लेकिन जो सबसे common थायराइड प्रॉब्लम होती है वो है थायराइड हॉर्मोन्स का सही मात्रा में प्रोडक्शन ना होना। इसमें दो तरह की समस्या आती है-

  1. Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म / अतिगलग्रंथिता ): ज़रुरत से अधिक hormones का पैदा होना
  2. Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म / अवटु-अल्पक्रियता): ज़रूअत से कम हॉर्मोन्स का प्रोडक्शन होना

इन समस्याओं की वजह से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन अगर सही से diagnose करके इलाज किया जाए तो इन्हें अच्छे से manage किया जा सकता है।

हाइपरथायरायडिज्म होने के कारण

  1. Graves’ disease

ये हाइपरथायरायडिज्म होने का सबसे आम कारण है। ये एक तरह की autoimmune condition होती है जिसमे हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम एक antibody create करता है जिसे कारण थायराइड ग्लैंड अधिक मात्रा में थायराइड hormone release करने लगता है। यदि परिवार में किसी एक व्यक्ति को ये बीमारी है तो और लोगों को भी समस्या हो सकती है। आमतौर पर ये प्रॉब्लम कम उम्र की औरतों को होती है।

  1. थाइरोइडाइटिस

थायराइड की सूजन को थाइरोइडाइटिस कहते हैं। Thyroiditis में किसी वायरस या इम्यून सिस्टम में प्रॉब्लम की वजह से थायराइड ग्लैंड में स्वेलिंग हो जाती है

Thyroiditis कई प्रकार का हो सकता है:

  • सबऐक्यूट

किसी अनजान कारण से अचानक होने वाला Thyroiditis, जो कुछ महीनो बाद अपने आप ही ठीक हो जाता है।

  • प्रसवोत्तर

इस तरह की Thyroiditis महिलाओं को प्रेगनेंसी के बाद affect करती है। बच्चा पैदा होने के बाद 10 में से 1–2 महिलाओं को ये समस्या हो जाती है। आमतौर पर ये problem एक-दो महीने तक बनी रहती है और उसके बाद कुछ महीनो तक hypothyroidism की समस्या पैदा हो जाती है। लेकिन अच्छी बात ये है कि कुछ समय के बाद अधिकतर मामलों में थायराइड normal हो जाता है।

  1. थायराइड नोड्यूल

इस समस्या में थायराइड ग्लैंड में एक या उससे ज्यादा नोड्यूल grow हो जाते हैं जिसे ग्लैंड की एक्टिविटी बढ़ जाती है और आपके खून में अधिक मात्रा में थायराइड हॉर्मोन release होने लगता है।

  1. आयोडीन की प्रचुरता

यदि आप अधिक मात्र में आयोडीन का सेवन करते हैं तो भी hyperthyroidism की समस्या पैदा हो सकती है।

  1. थायराइड मेडिकेशन

अधिक मात्र में थायराइड hormone medication लेने से भी hyperthyroidism हो सकता है। यदि आपका hypothyroidism का इलाज चल रहा है तो कभी भी बिना डॉक्टर से पूछे दवा का extra dose न लें, भले ही आप पहले दवा खाना भूल गए हों।

हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण

अक्सर hyperthyroidism के लक्षण बहुत साफ़ नहीं होते और अन्य बीमारियों से मिलते जुलते होते हैं।

Hyperthyroidism के ज्यादातर मरीजों में थायराइड Gland बड़ा हो जाता है, जिसे हम घेंघा या goitre भी कहते हैं। ऐसे में आपको गले के अगले भाग में एक लम्प दिखाई या महसूस होता है।

इसके आलावा hyperthyroidism के ये symptoms हो सकते हैं:

  1. चिंता, घबराहट और चिड़चिड़ापन
  2. भूख बढ़ने के बावजूद वजन का कम होना
  3. मल त्यागने की frequency बढ़ना और ढीली टट्टी होना
  4. सोने में दिक्कत होना
  5. दोहरी दृष्टि की समस्या होना
  6. आँखों का बाहर निकलना
  7. बालों की समस्या जैसे की टूटना, पतला होना और झड़ना
  8. Heart beat का irregular होना, खासतौर से वृद्ध लोगों में
  9. Menstrual cycle में बदलाव होना, periods की frequency कम होना शामिल है।
  10. मांसपेशियों में कमजोरी, विशेष रूप से जांघों और ऊपरी बाहों में
  11. हाथों का कांपना
  12. पसीना आना
  13. त्वचा का पतला होना

हाइपरथायरायडिज्म का पता कैसे चलता है?

इसका पता इन टेस्ट्स से चल सकता है:

  1. Thyroid-stimulating hormone (TSH) Blood test
  2. थायराइड अल्ट्रासाउंड
  3. थायराइड स्कैन

हाइपरथायरायडिज्म का इलाज

Hyperthyroidism का इलाज आपकी उम्र, सेहत, symptoms की severity और overactive थायराइड के असल कारण को देखकर किया जाता है।

डॉक्टर आपको इन तरीको से Treatment दे सकता है:

Anti-thyroid drugs

इसमें propylthiouracil (PTU) and methimazole (Tapazole), जैसी दवाएं दी जाती हैं जो थायराइड ग्लैंड को नए हॉर्मोन पैदा करने से रोकता है। हालाँकि, इसके कुछ side effects हो सकते हैं।

सर्जरी द्वारा उपचार

सर्जरी द्वारा पूरा या थायराइड का कुछ हिस्सा निकाला जाना, जिसे thyroidectomy कहते हैं। इस तरीके में भी व्यक्ति को बाकी की ज़िन्दगी underactive thyroid का इलाज करना पड़ता है।

बीटा-ब्लॉकर्स

ह्रदय गति को कम करने के लिए इनका प्रयोग होता है। इसमें थायराइड हॉर्मोन का लेवल नहीं घटता लेकिन हार्ट-रेट सही हो जाती है।

Hyperthyroidism की वजह से होने वाली complications

हाइपरथायरायडिज्म होने पर इसका उचित इलाज करना बेहद ज़रूरी है। ऐसा न करने पर गंभीर और जानलेवा समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

Hyperthyroidism से जुड़ी प्रमुख जटिलताएं हैं:

  1. Irregular heart rhythm (atrial fibrillation) अनियमित हार्ट रेट
  2. ह्रदय का फेल होना
  3. गर्भपात
  4. ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों का टूटना ( hyperthyroidism की वजह से bones से calcium तेजी से ख़त्म होता है)

Hyperthyroidism के सिम्पटम्स का तेजी से बिगड़ना Thyrotoxic crisis कहलाता है और इसका फ़ौरन इलाज कराना बेहद ज़रूरी है।

इसके निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:

  1. मूर्छित होना
  2. उलझन होना
  3. जागरूकता में कमी आना
  4. बुखार होना
  5. बेचैनी होना,
  6. नाड़ी का बहुत तेज चलना

Hypothyroidism

Hypothyroidism को underactive thyroid कह कर भी बुलाया जाता है। इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति का थायराइड ग्लैंड उचित मात्रा में थायराइड hormone नहीं produce करता। अगर शरीर में ये हॉर्मोन कम हो जाता है

ये दो प्रकार का हो सकता है:

  1. यदि directly थायराइड ग्लैंड में समस्या की वजह से Hypothyroidism होता है तो उसे Primary Hypothyroidism कहते हैं।
  2. यदि किसी और समस्या की वजह से थायराइड ग्लैंड की थायराइड हॉर्मोन प्रोड्यूस करने की क्षमता बाधित होती है तो उसे Secondary Hypothyroidism कहते हैं।

हाइपोथायरायडिज्म के कारण

Hypothyroidism का सबसे common कारण है Hashimoto’s thyroiditis. ये एक तरह का autoimmune disorder है जिसकी वजह से थायराइड ग्लैंड में सूजन जो जाती है। हैशीमोटोज थ्य्रोदिआइत्स होने पर शरीर कुछ ऐसे antibodies produce करता है जो थायराइड ग्लैंड पर अटैक कर उसे नष्ट कर देती हैं। Thyroiditis viral infection की वजह से भी हो सकता है।

Hypothyroidism के अन्य कारण इस प्रकार हैं:

  1. गले के आस-पास रेडिएशन थेरेपी:जो कि कैंसर का इलाज करने के दौरान दी जा सकती है।
  2. Radioactive iodine treatment:अगर overactive thyroid gland के उपचार में RAI का प्रयोग होता है तो radiation की वजह से थायराइड ग्लैंड के सेल्स नष्ट हो जाते हैं और hypothyroidism हो जाता है।
  3. थायराइड सरजरी:यदि किसी इलाज में थायराइड ग्लैंड को हटा दिया जाता है, for example: hyperthyroidism treat करने के लिए तो व्यक्ति को hypothyroidism हो जाता है।
  4. खाने में आयोडीन की कमी: हमारा शरीर खुद iodine नहीं बनाता है, इसलिए हमें इसे खाने में लेना चाहिए. इसके लिए आयोडीन युक्त नमक, अंडे, मछलियाँ और dairy products का सेवन करना चाहिए।

हाइपोथायरायडिज्म का खतरा किसे है?

अधिकतर ये समस्या महिलाओं, खासतौर से अधिक उम्र की महिलाओं को होती है। अगर आपके घर में किसी को autoimmune disease है तो भी आप hypothyroidism से ग्रस्त हो सकते हैं.

कुछ और रिस्क फैक्टर्स हैं:

  1. प्रजाति (being white or Asian)
  2. उम्र (अधिक उम्र)
  3. असमय बालों का सफ़ेद होना
  4. Autoimmune disorders, जैसे कि: type 1 diabetes, multiple sclerosis, rheumatoid arthritis, celiac disease, Addison’s disease, pernicious anemia, or vitiligo
  5. द्विध्रुवी विकार (Bipolar disorder)
  6. डाउन सिंड्रोम
  7. टर्नर सिंड्रोम

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण /

इसके लक्षण बहुत साफ नहीं होते और अन्य बीमारियों से मैच कर सकते है:

  1. Menstrual cycle में बदलाव
  2. कब्ज
  3. डिप्रेशन
  4. बालों का झड़ना व रुखा होना
  5. ड्राई स्किन
  6. थकावट
  7. Cold के प्रति अधिक sensitive होना
  8. धीमी ह्रदय गति
  9. Thyroid gland में सूजन (घेंघा)
  10. अचानक से वजन बढ़ना या वजन कम करने में दिक्कत होना।

बच्चों में hypothyroidism के सिम्पटम्स जल्दी पता नहीं चलते। कुछ लक्षण निम्न हैं:

(Hypothyroidism symptoms in children)

  1. ठंडे हाथ-पाँव
  2. कब्ज
  3. बहुत अधिक नींद आना
  4. कर्कश रोना
  5. कम या बिलकुल नहीं बढ़ना
  6. लगातार पीलिया होना
  7. सूजा हुआ चेहरा
  8. पेट की सूजन
  9. जीभ में सूजन

Hypothyroidism का पता कैसे चलता है?

इसका पता लगाने के लिए कुछ ब्लड टेस्ट्स होते हैं जिसमे हॉर्मोन का लेवल पता लगाया जाता है। डॉक्टर आपको इन टेस्ट्स के लिए कह सकता है:

  1. Thyroid-stimulating hormone (TSH)
  2. T4 (thyroxine)
  3. Thyroid ultrasound
  4. Thyroid scan

हाइपोथायरायडिज्म का इलाज

Hypothyroidism के इलाज के लिए आपको synthetic (man-made) thyroid hormone T4 prescribe किया जा सकता है। जो आप एक गोली के रूप में ले सकते हैं। ध्यान रहे कि इसे लेने से पहले आप डॉक्टर को बाकी चल रही दवाओं या food-supplements और diet के बारे में ज़रूर बताएं।

इस बीमारी के हो जाने पर आपको समय-समय पर थायराइड हॉर्मोन लेवल जांचने के लिए खून की जांच करानी पड़ती है और मौजूदा हॉर्मोन लेवल के हिसाब से दवाएं लेनी पड़ती है।

Hypothyroidism से होने वाली कॉम्प्लिकेशन

  1. Heart problems दिल की बीमारी
  2. Infertility या बांझपन
  3. जॉइंट पेन
  4. मोटापा
  5. गर्भवती महिलाओं में ये समस्या होने वाली शिशु के विकास को बाधित कर सकती है। प्रेगनेंसी के पहले महीनो में बच्चे को अपनी माँ से ही थायराइड हॉर्मोन प्राप्त होता है और यदि माँ को ये समस्या है तो बेबी के mental development में दिक्कत आ सकती है।
  6. यदि थायराइड हॉर्मोन का लेवल बहुत ही कम हो जाता है तो व्यक्ति को hypothyroidism का सबसे severe form myxedema हो सकता है। इस कंडीशन में इंसान कोमा में जा सकता है या उसके शरीर का तापमान बहुत नीचे गिर सकता है, जिससे मौत भी हो सकती है।
One clap, two clap, three clap, forty?

By clapping more or less, you can signal to us which stories really stand out.