कुएँ और बानी के परिवेश को विस्तार दे रहा है संगीत

किसी ज़माने में कहा जाता था कि चार कोस पर बाणी बदले, कुआं कुआँ पानी, लेकिन लगता है, `ग्लोबल विलेज’ का परिवेश इस कहावत बहुत आगे निकल गया है, चार कोस अब पता नहीं कितने हज़ार मीलों में बदल गये हैं और बोतलबंद पानी ने कुएँ का कॉन्सेप्ट ही बदल दिया है। इसी संदर्भ में जब संगीत पर बात चल निकली तो एक अमेरिकी बैंड के भारतीय जाज कलाकार ने एक नयी परिभाषा प्रस्तुत की। एक संगीत कार्यक्रम में अपने संगीत समूह के साथ हैदराबाद आये ओ शारेक हासन को सुनते हुए सोचना पड़ा कि क्या संगीत की दुनिया में भी कुएँ और बानी के परिवेश को विस्तार मिल रहा है।
शारेक कहते हैं कि अलग भाषाओं की तरह संगीत की भाषाओं में भिन्नता है, लेकिन कलाकारों के आदान प्रदान एवं फ्यूज़न संस्कृति ने एक नया माहौल बनाया है। ऐसा लगता है कि संगीत की भी एक वैश्विक भाषा का विकास हो रहा है। दुनिया बहुत छोटी होती जा रही है। शारेक कहते हैं कि भौगोलिक दुनिया के सामने कई सारी राजीनीतिक, सामाजिक मजबूरियाँ हैं, लेकिन संगीत के की दुनिया में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है। एक दूसरे की दुनिया में प्रवेश करते हुए वहाँ कोई हिचकिचाहट नहीं है, इसलिए भारतीय शास्त्रीय संगीत और पाश्चात्य शास्त्रीय संगीत के कई कलाकार एक साथ फ्यूज़न का नया माहौल बना रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मूल रूप से बैंग्लूर निवासी शारेक ने फ्रांस एवं अमेरिका में जाज के अलावा पाश्चात्य शास्त्रीय संगीत का अध्ययन किया है। न्यूयार्क के ब्लू नोट, पनामा जाज़ महोत्सव, नैन्सी जाज महोत्सव(फ्रांस) आदि स्थानों पर अपनी कला का प्रदर्शन भी किया है। पिछली बार जब वो भारतीय दौरे पर थे तो उनके साथ एडम लार्सन, फिलिप लेम और रैविव मार्कोविटज़ भी थे। एडम ने सेक्सोफोन में अपनी विशेष पहचान बनाई है। मैन हट्टन स्कूल से संगीत में स्नातक यह युवा कलाकार न्यूयार्क में जाज़ के लोकप्रिय कलाकारों की सूची में अपना नाम रखता है।

फिलिप लेम ड्रमिस्ट हैं। संगीत में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है और कई महोत्सवों में अपने ड्रम का कमाल दिखा चुके हैं। रैविव ने जाज बास में नाम कमाया है। कई संगीत प्रतियोगिताएं जीती हैं। शारेक ने जाज़ प्रेमियों के लिए कमाल का संगीत प्रस्तुत किया है। कहते हैं कि ज़रूरी नहीं है जिन कलाकारों के साथ आप काम कर रहे हैं, उन्होंने बरसों से जानते हों, बल्कि संगीत की भाषा को जानना ज़रूरी है, ताकि उनके साथ समझ का रिश्ता पैदा हो।

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