खाने में ना नुकूर,बीमारी है हुज़ूर
वे दुबली सी काया लिये अपने दस साल के स्थूलकाय बेटे के साथ बैठी थीं.. डिनर का समय तकरीबन हो चला था सो मैंने उनका रुख भांपने के लिये अच्छे मेजबान की तरह भोजन का आग्रह कर ड़ाला. उन्होंने बातचीत के ही प्रवाह में जवाब दिया, मैं खाने में बहुत चूजी हूं, आपके वहा6 की तो खैर कोई…