किसी चौराहे का सीन था मैडम की पिंक स्कूटी निकली जब कोई और ही सिग्नल ग्रीन था।
एक ओर नौकरी के साक्षात्कार तो दूसरी ओर व्यापार की रफ़्तार । एक ओर मैनेजर का दबाव तो दूसरी ओर बाज़ार के उतार चढाव ।
ट्रेन का वो सफर यादगार था। जिसमे हुआ वो एकतरफा प्यार था।पहली नज़र में ही वो भा गयी। और वो मेरे दिल के करीब आ गयी।
दोस्ती का रिश्ता भी काफी अजीब होता है। यह तोहफा तो सबको नसीब होता है। जिससे सबसे ज्यादा लड़ाई करें अक्सर वही दिल के सबसे करीब होता है।
वो कभी हारता भी है तो तुम्हे जीत दिलाने के लिए। वो खुद पर कम खर्च करता भी है तो तुम्हे अमीर बनाने के लिए। वो कभी सोच…