जब भी भूक लगती है मुझको

वो उठ के कुछ बना देती है,

जब रोता हूँ मे

तो मुझे प्यार से सुला देती है,

जब दुखी होता हूँ में

तो मुझे हंसा देती है,

जब गुस्सा करता हूँ

तो मुझे समझा देती है,

तबीयत ठीक ना हो

तो गीली पट्टी कर देती है,

जब भी झूट बोलता हूँ

तो पकड़ लेती है,

माँ नहीं है,पर ज़रूरत पड़े

तो माँ बन जाती है,

छोटी हो या बड़ी

बहन भी माँ ही कहलाती है,

Dedicated to all mothers and Sisters

#AmitabhSongara #iamsongara #अमिताभसोनगरा

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