उम्र
Sanjeev Sathe
52

hahaaaaa…. संजीव भाई, आपने बहुत मनोरंजक विषय को चुना है इसबार, I enjoyed the read very much…..

शायद ये लोग “उम्र पचपन की और दिल बचपन का….” वाली थ्योरी पर विश्वास करते हैं :)

On a serious note, शायद ये सारे लोग जानते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ अपनी गतिविधियों को बदलने या कम करने से इनके जीवन की चका चौंध कम हो जाएगी, जो ये नहीं चाहते हैं…लेकिन इनको समझना चाहिये कि इनके FANs इनको हर हाल में पसंद करेंगे….

Show your support

Clapping shows how much you appreciated irfan uddin’s story.