निदा फ़ाज़ली: शहर-ए-उर्दू में एक कुटिया
Preyas Hathi
185

वाह वाह बहुत खूब प्रेयश लाजवाब तहरीर

बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारें छूने दो,
चार किताबें पढ़ कर वो भी हम जैसे हो जायेंगे.

निदा फ़ाज़ली जी

One clap, two clap, three clap, forty?

By clapping more or less, you can signal to us which stories really stand out.