Mayank
Mayank
Nov 1 · 1 min read

Untitled-1

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सो लूँ क्या थोड़ी देर
थक सा गया हूँ |
पैरों की पिंडलियों में तीखा सा दर्द है
गर्दन के पीछे भी जैसे कड़क है
कुछ खराब सा लग रहा है पेट भी
टीस उठ रही
तीस नहीं रही
पेट भारी सा है
पानी पी पीकर
बहुत से कपड़े पहने हैं
उतार कर सब
सो लूँ क्या थोड़ी देर |
सब कुछ लग रहा सपना सा
सच जैसे पूरा सच नहीं
शोर सा है एक पार्श्व में
आँखों से सुन रहा हूँ
बन्द करके आँखें
सो लूँ क्या थोड़ी देर |

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