Aman Dhiman
Nov 7 · 2 min read
मेरी नाराज़गी

“हमे वायु परदुषण को कम करने के लिए यज्ञ करना चाहिए |”

उत्तर प्रदेश मंत्री के इस बयान को पढ़कर लगा चलो किसी कॉमेडी शो को देख कर मूड ठीक किया जाये, और काफी कॉमेडी शो देखने के बाद पता चला कि हमारे देश के नेताओ ने कॉमेडी करने वालो को काफी पीछे छोड़ दिया है | मजे कि बात ये है कि ये तथय एक की ही समय पर आपको ख़ुशी भी देगा और थोड़ी गंभीरता से सोचेंगे तो इस बात का दुःख भी देगा की देश की राजनीती का स्तर कितना गिरता जा रहा है |

आम तौर पर इस चीज़ का श्रेय सत्ता पक्ष को जाता है, पर मेरी नारजगी सत्ता पक्ष से ज्यादा उस विपक्ष से है जो सरकार की गलत नीतियों को देश की जनता के सामने लाने में असमर्थ तो रही ही है, साथ ही साथ उसी बेबस मानस की तरह नजर आती है जिसको देख कर आप व्यंग के अलावा कुछ और नहीं कर सकते, वो देश की जनता के काम तो आ रहा है पर मात्र हास्य मनोरंजन के लिए |

काफी लोग इसको सरकार के बढ़ते प्रभाव का असर समझते है और कुछ हद तक वो लोग सही भी है, पर विपक्ष इस बात को बोलकर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकता | विपक्ष को इस समय सत्ता पक्ष के भूतकाल से सीखना चाहिए कि, कैसे सुबरमण्यम स्वामी आपातकाल के समय में भेष बदलकर संसद में अपना भाषण देने आये थे, कैसे वर्तमानं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपना सिख का भेष बदलकर सरकार के प्रति अपना विरोध जारी रखा था और ना जाने कितने नेता, सरकार का विरोध करने की वजह से जेल में भी गए थे |

पर शायद हमारे वर्तमान विपक्ष के नेताओ को संघर्ष की आदत ही नहीं है और हो भी क्यों, भई इतने साल सत्ता पक्ष में रहे… अब कौन संघर्ष करे ?

अब अगर आपको संसद में अच्छी बहस देखनी है तो आपके पास अटल जी और सुषमा जी जैसे नेताओ की यूट्यूब पर पड़ी वीडियो क्लिप देखने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है और मजे की बात ये है कि ये ही विपक्ष जो अपनी समस्याओ का निवारण नहीं कर पा रहा है, देश में सरकार बना कर लोगो की समस्याओं का निवारण करने का दावा करता है, मतलब कमाल करते हो पाण्डे जी….. !

अब सरकार का तो ये है कि लोग तो नाराज राम राज में भी थे पर विपक्ष तो. ….. मै तो नाराज हूँ |