ज़िन्दगी एक लिस्ट

लोगों ने क्या-क्या नहीं कहा है और क्या खूब नहीं कहा है मसलन ज़िन्दगी प्यार का गीत है, ज़िन्दगी एक सफर है सुहाना, ज़िन्दगी कैसी है पहेली वगैरा-वगैरा| खैर जब बड़े बड़े गीतकारों और शायरों ने बोला है तो हम तो जीन्स वाले कवि है इनसे इतेफ़ाक़ न रखने की गुस्ताखी कैसे कर सकते है पर मन में एक ख्याल सा पक रहा था कई दिनों से की साली ये ज़िन्दगी है क्या और अपने ३२ साल के अनुभव से एक चीज़ जो हमने सीखी वो ये है की ज़िन्दगी एक लिस्ट है|

ज़िन्दगी एक लिस्ट है ख़्वाबों की,

बचपन में खेल खिलौनों की,

कभी न पूरे होने वाले होमवर्क की,

कभी न पूरी होने वाली हर एक ज़िद की,

स्कूल में शरारतों की,

बेज़ुबान मोहब्बतों की,

दादा- दादी — नाना — नानी के किस्सों की,

माँ बाप की लंबी फटकारों की,

लंबे छोटे बालों की,

जवानी के बढ़ते मुहासों की,

चुप चुप के रात को टीवी देखने की,

अनगिनत मोहब्बत के पैगामों की,

टूटी चाहत के जामों की,

सपनो में लिए हर एक चुम्बन की,

ठेके पे बैठे यारों की,

दुनिया के रिश्ते नातों की,

कभी सर्दी और कभी बरसात की,

किसी के बिछड़ने की आहों की,

गिरती बनती सरकारों की,

यारों की बारातों की,

जीवनसाथी के प्यार की,

रूठी बीवी से तकरारों की,

भाई बहिन की तालीम की,

नौकरी में मिलती तरक्कीयों की,

बच्चों से ऊँचे अरमानों की,

और बूढे माँ बाप की बिमारियों की,

दवाओं की दुआओं की,

मौत के इंतज़ार की,

हे भगवान और काश की लंबी फेहरिस्तों की|

तो भैया हमने तो मान लिया है की ज़िन्दगी एक लिस्ट है जिसका अंत मौत है और शुरुवात आपकी पहली ख़्वाहिश या अरमान है| अब या तो बाबा जी बन जाओ और कमंडल उठा के हिमालय चले जाओ नहीं तो और कोई रास्ता नहीं है सिवाय इसके की अपनी लिस्ट को तसल्ली से लंबा करते रहो और हे भगवान,हाय भगवान चिल्लाते रहो और अपने कर्मों को करते रहो, और मेरी माने तो एक लिस्ट से अधिक अद्भुत कुछ भी नहीं है, यह चमत्कारिक चलचित्र है| तो फिर आप भी अपनी-अपनी लिस्ट को संभालने में लग जाएँ और प्रभु के गुण गाये|