बेवक्त

#TIMEless

बेवक्त पर हमें कीमत हुई वक्त की, 
जिसकी अहमियत ना समझी थी कभी
 उसने भी समझ आई कीमत हमें
 उसको पाने के दर्द की।

यह दास्तान शुरू भी हुई कुछ ऐसे मर्ज लेकर, 
कि हमें जागना पड़ा आलस को 
मेहनत का कर्ज देकर।

अब चिंतन नहीं अध्ययन हो रहा था, 
जो मस्तिष्क अब तक आराम में था, 
उसमें सवालों का जलजला उठ रहा था।

बेवक्त ही सही 
मुझे वक्त की कीमत आ गई, 
जिसे जीने के ख़्वाब सोचे थे, 
 वह जिंदगी सचमुच पाने की
 याद्दाश्त आ गईl

उस वक्त सोच लिया कि काबिल बनना है मुझे, 
यह बात समझ में वक्त भले ही लगा 
पर यह भी जान लिया कि 
यह बात खुद को ही बतानी थी मुझे।

इंसान को जरूरी है अपना मकसद जानना, 
बेमक़सद तो तुम खुद को तुम
 जानवर के काबिल ही मानना।

बेवक्त ही सही मुझे वक्त का ख्याल आया, 
कम से कम इस रुह की अहमियत को तो जान पाया।

अब जब सोच ही लिया है
 तो चलो काबिल बनने का सफर शुरु करते हैं, 
और हम फिर किसी भी वक्त पर
 अपनी यह कविता पूरी करते हैं।

~naagin 🐍❤️