मोदी-ओलीबीच भएको टेलिफोन बार्ता

(नेपाल टेलिकमको नेटवर्क तथा प्रम द्वयले जाडो छल्न केजरिवाल पारामा लगाएको मफलरले बार्तामा भएको केहि ‘कन्फ्युजन’)

मोदी: राम राम ओलिजी?
 ओली: बाबुराम? कितनी बार कहा है कि उसको प्रधानमन्त्रि बना नही सकते । वोह ससुरा सठिया गया हे ।
मोदी: सिसोड़िया ? अभि उस मनहुसका नाम मत लिजिये। जिना हराम कर दिया हे उसने । और सुनाइये कैसा हे हालचाल ?
 ओली: भुइँचाल? अभि सब ट्वीटर लोगोनें भुइँचाल पिडित बोलके परेशान किया हे । हमने थोडी ना बुलाया था भुइँचालको नेपाल भ्रमण पर ।
मोदी: भ्रमणसे याद आया । वो आपका उपप्रधानमन्त्रि थापाजी कितना विदेश भ्रमण पर जाते हें ? भक्त लोग परेशान होगए हें कि हमसे ज्यादा वो देशसे बहार रह्ते हेँ । जरा सम्झा दिजिए । मेरी रेप्युटेसन के बारेमे तो सोचिए। और आपका सेहेत ठिक है? हमारे लौन्डे बोल रहे थे कि बहुत ज्यादा दबाइ लेनि पडती हे । लगता हे दबाइ बरोबर काम कर रहा है, टिभी पर बडे तन्दरुस्त लग रहे थे ।
 ओली: आपका लौन्ड़े क्या कह रहे है सब पता है मुझे । वोह क्या समझते है ये सब तुक्काबाजी हम स्टेरोइड कि दम पर कर रहे हैं ? हमने कभी डोपिंग नहीं किया हे । आप ने हि स्टेरोइड घोच घोच कर ५६ इन्च का छाति बनाया होगा । हम तो बचपन से हि जेट लि जैसे हैं ।
मोदी: अरे जेटलीका नाम क्युं ले रहे हो? सब लोग जेटलीका भ्रस्टाचारको लेकर मेरी खिंचाई कर रहे हें । थोडी बहुत मस्ती तो सभी करते हैं ना । आपके नेपालमें भी होता है । आपके थापाजी ने भी तो छोटे भाइको एन्फा मे कुछ वैसे हि कर्ने पर भी कुछ नही किया. हमने आपसे उस्पर कुछ पुछा? फिर क्यों जेटली जी कि बात निकाल रहे हैं? लोकु को कह्कर आप पर भी सिबीआइ, सरि सीआइएए, लगवा दुं क्या?
ओली: क्युं नाराज होते हो, दामोदर भाइ? लोकु से याद आया कि हम तो झापा लोकल कुखुरा खाने आए थे । आप हमें बोलाएंगे तो दिल्लीमें लोकल कुखुरा खा के आप और आपकी आदमीके साथ पार्टी करेंगे !
 मोदी: आम आदमी पार्टी? आप कबसे हमसे पंगा ले रहे हें!
ओली: हमने कहाँ आम आदमी पार्टी बोला? हम तो लोकल कुखुरा पार्टी बोल रहे थें । लगता हे ठण्डीसे आपका सब कान-नाक हि बन्द हो गया हे ।
मोदी: नाकाबन्दी? फिर से पंगा लेने कि बात । हमने काहाँ नाकाबन्दी लगया हे? अपने देश के मधेसियोंको महत्व दिजिए सब ठिक हो जाएगा ।
ओली: महतो दिजिए? आपको महतो चाहिए ? ले लिजिये । हम अभि दे देंगे । 
मोदी: नहीं, महतो आप हि राखिए । चाहे तो दार्जिलिङ्ग-उत्तराखण्ड सब दे देंगे लेकिन महतो को लौटा देने कि बात कभी मत किजिए । अभि जल्दी में हुं, सेल्फी लेने का टायम होगया हे । फिर अगले साल कि विदेश भ्रमण कि सेड्युल भी बनाना हे । अभि बिदा दिजिए
ओली: बिद्या दिजिए? 
 (लाइन कट्यो)
 कस्तो छाडा बुढो भन्या । यसको स्मृति इरान तेल लिन गयो कि क्या हो । अनाब, सनाब कुरो गर्छ, गुज्जो मोरो !!!