अंदाज़े-साइबराना

यूँ सिर्फ़ ख़्यालों मे आना

फक्त ख़्वाबों मे ही गुनगुनाना

माना वरचुअल का है ज़माना

अच्छा है ये, अंदाज़े-साइबराना

वो ख़त किताबों मे आज भी पड़ा है

दिल अभी तलक ज़िद पर अडा है

उसी तस्वीर पे फ़िदा है

. ना इरादे से ही डिगा है

ना बदले तेरे फ़ैसले

ना पस्त हुए मेरे हौसले

‘प्रेम’ तेरा ही सवाली है

ये मकाँ आज भी ख़ाली है

@ Premjit Lal

ख़्यालों – Thoughts

फ़क़त – only

ख़्वाबों – Dreams

अंदाज़े-साइबराना – Cyber style

ख़त – letters

फ़िदा – stuck, infatuated, आसक्त

इरादा – intent

सवाली – petitioner, requesters, याचक