मन की उड़ान


शांत सौम्य फलक,

दृष्टिगोचर सुदूर क्षितिज तलक।

आर्द बूँद जडित श्वेत श्याम घटा,

कपास के फ़ाहो सी बिखरी अनुपम छटा।

सफ़ेद बर्फ़ पर स्थिर सा तैरता वायुयान,

निरंतर ध्वनि, बाक़ी दूर तक सब कुछ सुनसान।

बाह्य पक्षियों का उड़ता क़ाफ़िला,

अंतमानसपटल पर विचारों का सिलसिला।

उड़ते पंख, सीमित पहुँच;

अबाध मन की असीमित सोच।

अन्तर है तो

स्वप्न का,

प्रयत्न का।

बढ़ते हौसले का,

मिटते फ़ासले का।

अंतर है तो

निश्चय – लक्ष्य साधने का,

स्वनिर्मित सीमायें लाँघने का।

असंभव मे संभावनाएँ तलाशने का,

बीज को उर्वरा भूमि दे, फलदार पेड़ बनाने का।

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