Your beauty (Hindi Poetry)…तेरा हुस्न
तू तपिश आफ़ताब की,
ठंडक जैसे महताब की;
ख़ुशबू तरोताज़ा गुलाब की,
मिशाल लाजवाब शबाब की।
बसंत सी ताजगी,
चुलबुली चिड़ियों सी चहक;
कोंपल सा तू नवजीवन,
सौंधी सौंधी मिट्टी सी महक।
दरिया सी अल्हड़ मस्ती,
परिंदे सी उन्मुक्त उड़ान;
आसमान से खुले ख़यालात,
हरी पिली सरसों सा तेरा परिधान ।
हिरणी सी चाल,
काली घटा से तेरे बाल;
सुराही सी गर्दन,
अंग अंग तेरा बेमिसाल।
आइना भी तुझे देख शर्माये,
चंदा तुझसे माँगे रोशनी;
कोयल चाहे तेरे जैसे गाना,
मयूर नृत्य मे माँगे पानी।
सुबह की औंस सी ताजगी,
बचपन सी तेरी सादगी;
शांत झील सा तुझमें ठहराव,
क़ुदरत की तू अज़ीम बानगी।
तेरा ख्याल ही काफ़ी
जगाने के लिए ख़ुशनुमा जज़्बात,
औक़ात से बढ़कर
मैने तो माँग लिया तेरा साथ;
लूट गया रब भी
देके ऐसी सौग़ात,
गुनाह होगा अब कुछ माँगना
किसी और दुआ के लिए
अब उठते नहीं ‘प्रेम’ के हाथ।