Mere Jivan ki Awazen : Gandh Potash aur Sheepa
Devendra Singh
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ऐसी कहानियों का हमारे जीवन में बहुत महत्व रह जाता है पर भीड़ भाड़ और भागम भाग में हम सुनना भूल जाते। मुझे खुशी है कि आप आज भी इन आवाज़ों को पहचानते हैं और शायद तभी, तभी यह मुमकिन है कि आप एक लगनशील आँतरोप्रेनर हैं।

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