भावुकता का दुरुपयोग
Sep 8, 2018 · 1 min read
मनुष्य स्वभाव से भावुक होता है । विभिन्न अवसरों पर वह भावुक हो सकता है ,उसकी भावनाओं को ठेस पहुंचायी जा सकती है ,उसकी भावनाओं को भड़काया जा सकता है । कुछ उपद्रवी तत्व इन तथ्यों का अपने स्वार्थ के लिये बाखूबी इस्तेमाल करते हैं । आजकल दंगा फसाद कराने ,शांति पूर्ण आंदोलनो को हिंसक बनाने के लिए अफवाहें फैलाकर लोगों की भावनाओं को गलत दिशा में मोड़ा जाता है और भड़काया जाता हैं । अतः अपेक्षित है कि हम इस मामले मैं सतर्क रहें । किसी भावुक समाचार या विषय पर प्रतिक्रिया करने से पूर्व आंकलन कर ले कोई हमारी भावनाओ को भड़का कर अपना कोई स्वार्थ सिद्धि का प्रयास तो नहीं कर रहा है ।
