पहचान

मुझ में जो मैं है, पहचान बड़ी मुश्किल है उसकी,

कभी लगा दिल की धड़कन है,

कभी सोचा सांसों का स्पंदन है,

कभी बोझिल, उचाट सा मन है,

कभी कोई भाव गहन है,

क्या है, क्या नहीं है, कैसी उलझन है,

यही तो जीवन है,

एक दिन हो ही जाएगी मेरी मुझ से पहचान,

अभी हूँ सफर में, अभी हूँ अनजान!

( २१.९.२०१४)

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