क्या करोगे ये बेमतलब की ज़िन्दगी का ??
न किसी न कहा 
न किसी ने पूछा 
कौन हो तुम और कहाँ को चले
पूछा होता तो बतलाते 
मंज़िल तो कब का छोड़ गयी 
रह गए तो बस हम इंतज़ार में 
बीच मझदार में 
न किनारा मिला न मौत । ।

Like what you read? Give Vinyas a round of applause.

From a quick cheer to a standing ovation, clap to show how much you enjoyed this story.