Photographs and Memories
बैठा था मैं सितारे देखते। अचानक हवा ने दस्तक दी। हवा के साथ कुछ यादें भी आई । उन यादों ने आँखों में नमी लायी । आँखों में नमी के साथ धड़कन भी बढ़ गयी । धड़कन क्या तेज़ हुई कहीं दूर कोने में छिपा वो प्यार भी बोल उठा । वो जागा प्यार बोला बस एक बार । बस एक बार उसकी आँखों में खो जाने दे । बस एक बार उसकी हँसी से खुश हो लेने दे । बस एक बार उसकी आवाज़ से गूंजने दे । बस एक बार उसकी चाल से मदहोश हो जाने दे । बस एक बार उससे तो मिल बस एक बार उसे देख ।
दिल के पास रखा वो लिफाफा भी बोल उठा । हिम्मत न थी वो लिफाफा खोलने की । एक और हवा का झोका आया और कह गया “बस एक बार” । लिफाफे में थी तस्वीर उसकी । तस्वीर में था चेहरा उसका चाँद जैसा । तस्वीर में थी हँसी उसकी तारों जैसी । उस हँसी में था वो पल उस हवा के झोके जैसा । जिस पल में खो गया था सब । उस तस्वीर से ही था गुज़ारा हमारा । एक बार फिरसे देखु कहा उस दिल ने । हवा का एक और झोका बोल गया “बस और न तड़पा” । लिफाफे से निकली तो तस्वीर लेकिन हाथ न आई । कमबख्त हवा का झोका ले चला वो तस्वीर । दिल कहता रह गया “बस एक बार तो आँखें भर लेने देता । ज़िन्दगी थी उस तस्वीर में हमारी ।”