श्रीराधा (राधाष्टमी स्पेशल)

जयति श्री राधिके सकल सुखसाधिके,
तरूनिमनि-नित्य नवतन किसोरी ।

आज राधाष्टमी के पावन अवसर पर मैं अपना दूसरा ब्लॉग भी श्रीराधाजी को समर्पित करती हूँ । श्रीराधा हैं ही ऐसी कि मन बार-बार उन्हीं के चरणों में आकर्षित हो जाता है । श्रीराधा के रूप और गुणमाधुरी का तो कहना ही क्या? श्रीराधा बिजली, स्वर्ण तथा चम्पा के पुष्प के समान सुनहरी कान्ति से युक्त गोरे अंगों वाली हैं । उनके मुख की चाँदनी करोड़ों शरद पूर्णिमा के चन्द्र से भी बढ़कर है —

तड़ित्सुवर्णचम्पक प्रदीप्तगौरविग्रहे,
मुखप्रभापरास्तकोटिशारदेन्दुमण्डले।
विचित्रचित्रसंचरच्चकोरशावलोचने,
कदाकरिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष भाजनम्।

श्रीराधा श्रीकृष्ण की हृदयेश्वरी (हृदय में निवास करने वाली) हैं और श्रीकृष्ण श्रीराधा के हृदयेश्वर हैं । इसकी एक रोचक कथा है — 
एक बार द्वारिका में श्रीकृष्ण अपनी सभी पटरानियों के साथ सिद्धाश्रम पधारे । वहां श्रीराधा भी आयीं थीं । सत्यभामा को अपने रूप पर बहुत गर्व था लेकिन जब उन्होंने श्रीराधा के दर्शन किये तो वह बेहोश हो गयीं । श्रीकृष्ण के कहने पर रुक्मिणीजी ने श्रीराधाजी को गरम दूध पिलाया ।

Radha Rani

रात्रि में जब श्रीरुक्मिणीजी श्रीकृष्ण के पैर दबा रही थीं तब उन्होंने श्रीकृष्ण के तलवों में फफोले देखे । रुक्मिणीजी के पूछने पर श्रीकृष्ण ने कहा कि राधाजी के हृदय में मेरे चरण नित्य विराजते हैं । आज श्रीराधाजी ने गर्म दूध पी लिया इसी से मेरे पैरों में फफोले पड़ गये । तुमने गर्म दूध दे दिया यह उसी का फल है । यह सुन कर रुक्मिणीजी का गर्व भंग हो गया ।
ऐसा है हमारे श्रीकृष्ण और श्रीराधा का प्रेम । इसीलिए जीव गोस्वामीजी ने कहा है —

कृष्ण प्रेममयी राधा, राधाप्रेममयो हरि:।
जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम ।।
 
कृष्ण प्राणमयी राधा, राधाप्राणमयो हरि:।
जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम ।।

अंत में भाई हनुमानप्रसादजी पोद्दार के शब्दों में श्रीराधाजी के चरणों में विनती करती हूँ —

किसोरी तेरे चरणनकी रज पाऊँ,
बैठी रहूँ कुंज्जन के कोने स्याम राधिका गाऊँ ।

श्रीराधाष्टमी पर्व पर मिक्सड नट्स पाग रेसिपी
सामग्री

  • बादाम,
  • पिस्ता,
  • मखाने,
  • खरबूजे की गिरी कुल मेवा (250 ग्राम),
  • भुना खोया एक कप,
  • चीनी 250 ग्राम,
  • तीन बड़े चम्मच घी,
  • पिसी इलायची,
  • केसर थोड़ी सी

विधि : सबसे पहिले कड़ाही में घी डालकर सभी मेवा को धीमी आंच पर दस मि

baal krishna paag

नट भून लें । ठंडा होने पर मिक्सर में दरदरा पीस लें । एक कड़ाही में आधा कप पानी और चीनी डालकर चाशनी बनाने के लिए रखें । जब चाशनी तीन तार की बन जाए तो उसमें इलायची और केसर मिला दें । फिर चाशनी में पिसा मेवा का मिश्रण तेजी से मिलाएं । एक प्लेट पर घी अच्छे से लगा दें ताकि पाग प्लेट पर चिपके नहीं । फिर चाशनी का मिश्रण प्लेट पर एकसार फैला दें । ठंडा होने पर बर्फी के आकार में काट लें ।

श्रीराधा