Literary Impulse
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ये क्या हाल बना रखा है

आसमाँ सर पर उठा रखा है

Photo by Eric Ward on Unsplash

ये क्या हाल बना रखा है
आसमाँ सर पर उठा रखा है

इतना शोर क्यों मचाते हो
राई का पहाड़ बना रखा है

तेरे मेरे बीच की बात थी
दुनिया जहाँ को बुला रखा है

वफ़ा पर बहस मंज़ूर नहीं
शक को खाई बना रखा है

आईना सबको दिखाते हो
खुद का नाम खुदा रखा है

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