एक राज की बात बताये किसी को बताना नही
इस दुनिया मे अपने सिवा कुछ भी अपना नही होता।।।।
शुक्र करो कि हम दर्द सहते हैं, लिखते नहीं ।
वरना कागजों पर लफ़्ज़ों के जनाज़े उठते ॥ ....
उम्र छोटी है तो क्या..जीवन का हरेक मंजर देखा हैं..!
फरेबी मुस्कुराहटें देखी है..बगल मे छुपा खंजर देखा हैं...!!
अंदर कोई झांके तो टुकड़ों मे मिलूंगी,
ये हंसता हुआ चेहरा तो दिखाने के लिए है...!!
करके अरमानो का कत्ल कांधा देता है कोई
खुद ही रुलाकर उन्हे, रुमाल थमा देता है कोई
यूं तो इंसाफ ख़ुदा का पाता है हर कोई
लेकिन अपनी नज़र मे गिरकर कैसे जी लेता है कोई
दर्द हंसी में भी होता है कोई रोकर समझाए
ये जरुरी तो नहीं
समझ लेना चाहिए लफ्जो का तकाज़ा
कोई दिल चीर के दिखाए ये जरुरी तो नहीं
सविता