राम राम जी

हमारी एक छोटी सी दुनिया में, मेरे दिल की धड़कन पतिदेव, प्यारे दो बेटे, एक बेटे की शादी हो गई तो बहू कम बिटिया और एक हमारी धर्म की बेटी के साथ बहुत संघर्षों के बावजूद खुशहाल जीवन को जीते आ रहे हैं।

आज बताते हुए गर्व है कि यह सब लिख पा रही हूँ, अपने पति देव और बच्चों के हौसले अफजाई के कारण। ये सभी मुझे हरपल प्रोत्साहित करने में कोई कसर नहीं छोड़ते।

नाज तो तब हुआ जब बड़े बेटे व बहू कम बिटिया ज्यादा, की तरफ से हक से आग्रह और छोटे बेटे का ब्लॉग खोलकर देना और कहना.....मां हम बच्चों के लिए.... आपको यह सब करना ही होगा। बेटे ने तो यहां तक कहा आप अपनी जीवनी लिखो।

खुशनसीबी है आज आप सभी के साथ हूँ। 
आप सभी से विनती है, जो भी लिखती हूँ उस पर आपके विचार अवश्य जानना चाहूंगी ताकि कुछ लिखने में कमी को, आप सभी के सहयोग से सुधार कर लिख पाऊं।

हम तो लिख देते हैं जो भी ज़हन में आता है,
दिल को छू जाए तो इत्तफाक ही समझिए......!!

सविता