राम राम जी

*"मन की बात अनामिका”*

यह उन सभी मेरे अपने जैसे के लिए जो कभी भी अपनी अंदर की तकलीफ देय बातों को कह नहीं पाते हैं।

*"जो कह दिया वो अल्फ़ाज़ थे, जो कह न सके वो जज्बात थे,
 जो कहते कहते न कह पाये, वो एहसास थे"*

अपने जैसे उन सभी अपनो के लिए

*"मन की बात अनामिका”*

सविता