राम राम
जीवन में किसी की निंदा ना करें अगर मदद
करने की इच्छायें है तो मदद का हाथ बढ़ाये!
नहीँ तो हाथ जोड़कर शुभकामनाएं दे और उन्हेलक्ष्य पर जाने दे"
" जब छोटे बच्चे चलना शुरू करते हैं तब वे अक्सर गिरते भी रहते हैं लेकिन उनके लिए वह गिरना नहीं वरन सीखना है। इसी तरह जीवन में विफलता नामक कोई चीज नहीं होती वरन वह सीखने का माध्यम है।"
इससे भी बढ़कर यहां तक कि व्यक्ति जीवन भर विद्यार्थी रहता है क्योंकि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती।
आने वाला कल अच्छा होगा... मुझे कभी कुछ फर्क नहीं पड़ता। बस चाहत रहती है सभी के लिए कुछ करू। धन से, तन से तो कुछ नहीं कर पाती हूँ। इच्छा रहती है कि मन से सभी को मानसिक खुशी दे पाऊं।
"न पाने की ख़ुशी है कुछ, न खोने का ही कुछ ग़म है
ये दौलत और शोहरत सिर्फ कुछ ज़ख्मों का मरहम हैं
अजब सी कश्मकश है रोज़ जीने रोज़ मरने में
मुक़म्मल ज़िन्दगी तो है, मगर पूरी से कुछ कम है"
अगर दिल से किसी का भला करना चाहते हैं तो अपना सम्मान की परवाह नहीं करते।
मुझे अब गम और खुशी में फर्क महसूस नहीं होता है। यह सब मेरे अपने तक ही रहती है।
मैं लोगों को क्षमा कर देती हूँ इसका मतलब ये नहीं कि मैंने उनके स्वाभाव को स्वीकार किया या उन पर विश्वास करने लगी, मैंने उन्हें अपने लिए क्षमा किया जिससे कि मैं अपने जीवन को आगे बढ़ा सकूँ उसे आगे जाने दूँ|
आप जीवन में क्षमा प्रदान किये बिना आगे नहीं बढ़ सकते हैं।
"यदि सब कुछ खोकर भी आपमें कुछकरने की हिम्मत बाकी है,
तो समझ लीजिए आपने कुछ नहीं
खोया...!!
बड़ा मुश्किल है जज़्बातो को पन्नो पर उतारना...
हर दर्द महसूस करना पड़ता है,
लिखने से पहले....
सविता