Hindi Poem: मेरे तुम…

Ritu Chaudhry
Jul 26 · 1 min read
Image: unsplash.com Candice Waldeck

एक ख़्याल काफ़ी है तुम्हारा,
मेरी नींद उड़ाने के लिए.
शायद बाँहों में भर लिया होगा,
झुका कर मेरा चेहरा
गर्दन पर होंठ रख दिया होगा.
फ़िसला होगा मेरा पल्लू,
तुमने कुछ और समझ लिया होगा…
ख़ैर, कमर पर हाथ तुम्हारा
और मेरा बाँध टूट गया होगा.
हाँ तुम संजीदा बहुत थे,
मेरी हरकतों ने मजबूर कर दिया होगा.
बंद आँखे मेरी, खुले अहसास,
सब कुछ बिखर गया होगा.
अब नींद खुली है तो,
जागे हज़ार ख़्वाब, ये होगा वो होगा.
झरोखे खुले हैं दिमाग़ के,
तुम्हें अंदाज़ा नहीं अब क्या क्या होगा.
बस एक ख़्याल काफ़ी है तुम्हारा,
मेरे होश उड़ाने के लिए,
गाफ़िल बनाने के लिए,
तुम्हें अंदाज़ा नहीं है शायद.

my tukbandi

हम स्वर्णिम पन्नों पर लिखा नहीं करते, हम लिखकर पन्नों को स्वर्णिम बना दिया करते हैं।

Ritu Chaudhry

Written by

Just this. Not much.

my tukbandi

हम स्वर्णिम पन्नों पर लिखा नहीं करते, हम लिखकर पन्नों को स्वर्णिम बना दिया करते हैं।

Welcome to a place where words matter. On Medium, smart voices and original ideas take center stage - with no ads in sight. Watch
Follow all the topics you care about, and we’ll deliver the best stories for you to your homepage and inbox. Explore
Get unlimited access to the best stories on Medium — and support writers while you’re at it. Just $5/month. Upgrade