कई रातों तक बेचैन दिल मेरा सोया नहीं..

चोट गहरी खाकर भी कमबख्त रोया नहीं..

सजा उसकी थी जो गुनाह कभी किए नहीं..

फिर भी दिल ने ऐतबार अपना खोया नहीं..।

अ.अ.

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